एक्सरसाइज़ मित्र शक्ति XI 2025 भारत–श्रीलंका के बीच सैन्य साझेदारी की नई मिसाल
एक्सरसाइज़ मित्र शक्ति XI 2025 भारत–श्रीलंका के बीच सैन्य साझेदारी की नई मिसाल

एक्सरसाइज़ मित्र शक्ति XI – 2025 : भारत–श्रीलंका के बीच सैन्य साझेदारी की नई मिसाल

एक्सरसाइज़ मित्र शक्ति XI – 2025 : भारत–श्रीलंका के बीच सैन्य साझेदारी की नई मिसाल

स्रोत: द हिंदू (TH)
विषय: रक्षा अभ्यास (Defence Exercise)


भारत और श्रीलंका के बीच द्विपक्षीय सैन्य सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित “मित्र शक्ति” सैन्य अभ्यास का 11वाँ संस्करण (Mitra Shakti XI–2025) कर्नाटक के बेलगावी (Belagavi) में आरंभ हुआ है।
यह अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं के बीच संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना अभियानों (UN Peacekeeping Operations) के अंतर्गत संचालनिक समन्वय (Operational Coordination) को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं को

  • आतंकवाद-रोधी अभियानों (Counter-Terrorism Operations),
  • मानवीय सहायता (Humanitarian Assistance),
  • और शांति स्थापना अभियानों (Peacekeeping Missions) के लिए तैयार करना है।

यह अभ्यास संयुक्त राष्ट्र चार्टर (UN Charter) के अध्याय VII के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने हेतु सैन्य कार्रवाई की अनुमति देता है।


बिंदुविवरण
अभ्यास का नाममित्र शक्ति XI – 2025
प्रकारभारत–श्रीलंका द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास
स्थानविदेशी प्रशिक्षण नोड, बेलगावी (कर्नाटक)
भारतीय दल170 सैनिक – राजपूत रेजिमेंट द्वारा नेतृत्वित
श्रीलंकाई दल135 सैनिक – गजाबा रेजिमेंट से
आयोजन की आवृत्तिप्रतिवर्ष
मेजबान देश (2025)भारत

  • संयुक्त रणनीतिक अभ्यास: खोज और नष्ट करने वाले मिशन (Search & Destroy), हेलिबोर्न ऑपरेशन, और आतंकवाद-रोधी ड्रिल।
  • आधुनिक तकनीक का प्रयोग: ड्रोन, काउंटर-UAV सिस्टम और हेलीकॉप्टर आधारित प्रशिक्षण।
  • मानसिक एवं शारीरिक प्रशिक्षण:
    • आर्मी मार्शल आर्ट्स रूटीन (AMAR)
    • कॉम्बैट रिफ्लेक्स शूटिंग
    • योग सत्र (Yoga sessions)
  • संयुक्त कमान संचालन: हेलिपैड सुरक्षा, कैज़ुअल्टी इवैक्यूएशन (CASEVAC) और फील्ड कोऑर्डिनेशन ड्रिल्स।
  • अनुभव साझा करना: दोनों देशों की सेनाएँ अपने श्रेष्ठ अभ्यासों और अनुभवों का आदान-प्रदान करेंगी।

  • भारत और श्रीलंका के बीच रक्षा सहयोग को सुदृढ़ करता है।
  • दोनों सेनाओं की इंटरऑपरेबिलिटी (आपसी संचालन क्षमता) बढ़ाता है।
  • संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों के लिए समन्वय को मजबूत करता है।
  • भारतीय महासागर क्षेत्र (Indian Ocean Region) में क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा को सुदृढ़ करने में सहायक।

“मित्र शक्ति XI – 2025” केवल एक सैन्य अभ्यास नहीं, बल्कि भारत–श्रीलंका मित्रता और विश्वास का प्रतीक है।
यह अभ्यास दर्शाता है कि दोनों देश शांति, स्थिरता और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करने को तत्पर हैं।


  • पहला मित्र शक्ति अभ्यास: वर्ष 2013 में आयोजित हुआ था।
  • UN Charter का अध्याय VII: अंतरराष्ट्रीय शांति बनाए रखने हेतु बल प्रयोग की अनुमति देता है।
  • साझेदारी का उद्देश्य: आतंकवाद-रोधी, शांति स्थापना और मानवीय सहायता अभियानों में समन्वय।