Day 15 : UPPCS Mains 2025 (Answer Writing Challenge)


🏛️ UPPCS Mains 2025 | Daily Mains Answer Writing (Day 15)

🌟 विषय (Topic): ब्रिटिश विस्तार — सामाजिक, सैन्य और आर्थिक रणनीतियाँ


🧭 प्रश्न 1 : 18वीं शताब्दी में ब्रिटिश विजय के आरंभिक चरण में भारत की सामाजिक-राजनीतिक संरचना किस प्रकार उपनिवेशी विस्तार को सुगम बनाती थी? विश्लेषण कीजिए। How did the socio-political structure of India in the 18th century facilitate the early phase of British conquest? Analyse. (8 अंक | 125 शब्द)


📌 यह मॉडल उत्तर नहीं है। यह बताने के लिए है कि उत्तर में क्या शामिल होना चाहिए।


18वीं शताब्दी में मुगल साम्राज्य के पतन और क्षेत्रीय शक्तियों के उदय ने भारत की राजनीतिक एकता को कमजोर किया, जो ब्रिटिश हस्तक्षेप के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनीं।


  • कमजोर केंद्रीय सत्ता व क्षेत्रीय विखंडन
  • नवाबों और राजाओं के बीच प्रतिद्वंद्विता
  • व्यापारी, ज़मींदार और बैंकर वर्ग की ब्रिटिश समर्थक भूमिका
  • उत्तराधिकार विवादों में हस्तक्षेप
  • सैन्य व कूटनीतिक श्रेष्ठता
  • प्लासी (1757) और बक्सर (1764) से राजनीतिक आधार निर्माण
  • ब्रिटिशों को स्थानीय समर्थन और संसाधन
  • भारतीय राज्यों का परस्पर अविश्वास
  • ब्रिटिश प्रभुत्व स्थापित करने की मजबूत नींव

भारतीय समाज व राजनीति की आंतरिक दुर्बलताओं ने ब्रिटिशों को निर्णायक बढ़त दिलाई, जिससे उपनिवेशी शासन स्थापित करना आसान हुआ।


🧭 प्रश्न 2 : ब्रिटिश सैन्य, कूटनीतिक और आर्थिक रणनीतियों ने भारतीय राज्यों के क्रमिक पतन और ब्रिटिश प्रभुत्व की स्थापना में क्या भूमिका निभाई? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए। How did British military, diplomatic and economic strategies contribute to the gradual decline of Indian states and the establishment of British supremacy? Explain with examples.(8 अंक | 125 शब्द)


📌 यह केवल दिशानिर्देश हैं; वास्तविक उत्तर आपको अपने शब्दों में लिखना है।


ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने 18वीं–19वीं शताब्दी में सैन्य शक्ति, कूटनीति और आर्थिक नियंत्रण का त्रिकोणीय प्रयोग कर भारतीय राज्यों को एक-एक कर अधीन किया।


  • प्रशिक्षित सेना, आधुनिक हथियार
  • प्लासी, बक्सर, वांडिवाश में निर्णायक विजय
  • मराठा व मैसूर शक्ति का क्रमिक दमन
  • Subsidiary Alliance (Wellesley)
  • Doctrine of Lapse (Dalhousie)
  • उत्तराधिकार विवादों में हस्तक्षेप (अवध, हैदराबाद)
  • बंगाल की दीवानी से राजस्व-स्रोत प्राप्त
  • व्यापारिक एकाधिकार
  • भारतीय उद्योगों का पतन, अंग्रेजों के लिए पूँजी-संग्रह

इन तीनों रणनीतियों के संयुक्त प्रभाव ने भारतीय राज्यों की स्वतंत्रता को समाप्त कर दिया और ब्रिटिश प्रभुत्व का अखिल भारतीय आधार तैयार किया।


📘 Mentor’s Insight:

इस दिन के दोनों प्रश्न विश्लेषण + उदाहरण + कारण–परिणाम संबंध के आधार पर पूछे गए हैं।
उत्तर को संगठित, तथ्य-आधारित और 125 शब्द की सीमा में लिखना महत्वपूर्ण है।


✍️ Try It Yourself:

1️⃣ “18वीं शताब्दी में भारतीय राज्यों के पतन का मुख्य कारण—आंतरिक कमजोरी या बाहरी हस्तक्षेप?” — 100 शब्दों में लिखिए।
2️⃣ “Subsidiary Alliance प्रणाली ने भारतीय स्वाधीनता कैसे समाप्त की?” — 100 शब्दों में लिखें।


🪶 Final Note to Aspirants:

UPPCS Mains में सफलता = सही संरचना + नियमित अभ्यास + मेंटरशिप
आज के दोनों प्रश्न गंभीरता से लिखें और अपनी कॉपी जाँच के लिए कमेंट में भेजें।