🏛️ UPPCS Mains 2025 | Daily Mains Answer Writing (Day 12)
📘 विषय (Topic): दिल्ली सल्तनत के शासक – अलाउद्दीन खिलजी एवं मोहम्मद बिन तुगलक के शासन की विशेषताएँ
🧭 Q1.अलाउद्दीन खिलजी के आर्थिक सुधारों का उद्देश्य केवल जनता का कल्याण नहीं, बल्कि साम्राज्य की सुरक्षा था। – टिप्पणी कीजिए।
(The objective of Alauddin Khalji’s economic reforms was not merely public welfare but the security of the empire. – Comment.) 8 Marks | 125 Words
✍️ उत्तर संरचना (Answer Structure):
📝 Note: The below outline is not a model answer. It is meant to guide you on how to frame your answer effectively.
Please write your own version and attach a clear photo in the comment section below.
1️⃣ भूमिका (Introduction):
अलाउद्दीन खिलजी दिल्ली सल्तनत का सबसे शक्तिशाली और व्यावहारिक शासक था।
उसके आर्थिक सुधारों का मुख्य उद्देश्य जनता का कल्याण नहीं, बल्कि साम्राज्य की सुरक्षा और स्थायित्व था।
2️⃣ मुख्य भाग (Body):
(A) सुधारों के प्रमुख क्षेत्र:
- मंडी नियंत्रण नीति: अनाज, वस्त्र, घोड़े, और गुलामों के लिए अलग मंडियाँ; वस्तुओं के दाम नियत।
- मूल्य नियंत्रण: वस्तुओं की ऊँची कीमतों पर रोक; “शहना-ए-मंडी” द्वारा निरीक्षण।
- राजस्व नीति: भूमि कर की दरें बढ़ाकर राजस्व सुदृढ़ किया गया।
- सैन्य सुधार: ‘दाग़ और हुलिया’ प्रणाली लागू कर भ्रष्टाचार पर नियंत्रण।
(B) उद्देश्य:
- मंगोल आक्रमणों से रक्षा हेतु सेना सशक्त बनाना।
- दरबार और सेना के व्यय को नियंत्रित रखना।
- अमीरों और व्यापारियों की आर्थिक शक्ति सीमित करना।
3️⃣ निष्कर्ष (Conclusion):
अलाउद्दीन के आर्थिक सुधार समाज कल्याण की अपेक्षा साम्राज्य की सुरक्षा और केंद्रीकरण के लिए थे।
उसकी नीतियाँ व्यवहारिक थीं और उसने दिल्ली सल्तनत को मज़बूत नींव प्रदान की।
🧭 Q2. मोहम्मद बिन तुगलक का शासन योजनाओं से भरा हुआ था, परंतु वे व्यवहारिकता के अभाव में असफल रहीं। – विवेचना कीजिए। (The reign of Muhammad bin Tughlaq was full of ambitious schemes, but they failed due to lack of practical wisdom. – Discuss.) 8 Marks | 125 Words
✍️ उत्तर संरचना (Answer Structure):
1️⃣ भूमिका (Introduction):
मोहम्मद बिन तुगलक बुद्धिमान और दूरदर्शी शासक था, परंतु उसकी नीतियाँ व्यावहारिकता से अधिक आदर्शवाद पर आधारित थीं।
इस कारण उसकी अधिकांश योजनाएँ असफल सिद्ध हुईं।
2️⃣ मुख्य भाग (Body):
(A) प्रमुख योजनाएँ:
- राजधानी परिवर्तन (दिल्ली से दौलताबाद): साम्राज्य के केंद्र में राजधानी स्थापित करने की योजना, परंतु जबरन स्थानांतरण से असंतोष।
- टोकन मुद्रा योजना: तांबे के सिक्कों को चाँदी के बराबर मूल्य देना; नकली सिक्कों की बाढ़ से अर्थव्यवस्था ध्वस्त।
- राजस्व नीति (दोआब क्षेत्र): अकाल के समय कर बढ़ाना; किसानों में विद्रोह।
- खुरासान और काराचल अभियान: साम्राज्य विस्तार की महत्वाकांक्षा, परंतु असफलता।
(B) कारण:
- योजनाओं में व्यावहारिक अनुभव और जनसहयोग का अभाव।
- कठोरता और अधीर स्वभाव।
3️⃣ निष्कर्ष (Conclusion):
मोहम्मद बिन तुगलक की योजनाएँ भावी भारत के लिए नवाचारी थीं, परंतु व्यवहारिकता और दूरदर्शी क्रियान्वयन की कमी ने उन्हें असफल बना दिया।
वह एक “असफल प्रतिभा (Failed Genius)” के रूप में इतिहास में स्मरणीय है।
📸 निर्देश (Instructions):
👉 अपने उत्तर स्वयं लिखें और उनकी स्पष्ट फोटो नीचे कमेंट बॉक्स में अटैच करें।
👉 उत्तर को सरल, प्रभावशाली और 3 भागों (भूमिका–मुख्य भाग–निष्कर्ष) में लिखें।
💡 Daily Answer Writing Tip:
“इतिहास के उत्तरों में केवल घटनाएँ न लिखें — उनका उद्देश्य, परिणाम और मूल्यांकन अवश्य जोड़ें।”
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